Saturday, June 28, 2014

हर वक़्त हूँ वाबस्ता जिससे

हर वक़्त हूँ वाबस्ता जिससे
महसूस उसी की कमी क्यों है

हटती नहीं जिसके चेहरे से नज़र
तस्वीर वो आज धुँधली क्यों है

वो वस्ल का दिन क्यों छोटा था
ये हिज्र की रात बड़ी क्यों है

जिस बात से दिल में हलचल है
वो बात लबों पे रुकी क्यों है

मत देख की कौन है परवाना
ये देख की शम्मा जली क्यों है
--- 'मीना', २७ जून, २०१४

Sunday, June 22, 2014

वो सरफिरी हवा थी सम्भलना पड़ा मुझे

वो सरफिरी हवा थी सम्भलना पड़ा मुझे 
मैं आखिरी शम्मा थी जलना पड़ा मुझे

समझ न लें चेहरे से सब हाल-ऐ-दिल मेरा
बात-बात पर यूँही रंग बदलना पड़ा मुझे

कुछ दूर तक तो जैसे कोई साथ था मेरे
फिर खुद के साथ ही सर-ए-राह चलना पड़ा मुझे 

रस्म-ओ-रिवाज़ के कटघरे में क़ैद है 'मीना'
जीने के लिए ये ज़ेहर भी निगलना पड़ा मुझे

Saturday, June 14, 2014

मैं हूँ तेरे ख्याल में अशआर की तरह

मैं हूँ तेरे ख्याल में अशआर की तरह
मुझको खुद ही में ढूँढ मैं तेरे ही पास हूँ

मेरे बगैर तू भी कहाँ जी सका 'मीना'
तेरे बगैर मैं भी कुछ तनहा कुछ उदास हूँ

main hun tere khyaal mein ashaar ki tarah
mujhko khud hi mein dhoond main tere hi paas hun

mere bagair tu bhi kahan ji saka 'meena'
tere bagair main bhi kuchh tanha kuchh udaas hun

Saturday, June 7, 2014

तो दिल कहता है तुम आओ...!

खुद को अकेले जो पाते हैं तो दिल कहता है तुम आओ
किसी महफ़िल में जाते हैं तो दिल कहता है तुम आओ…!

बड़ी मुश्क़िल से दिन में खुद को संभाल लेते हैं
जब चिराग़ों को जलाते हैं तो दिल कहता है तुम आओ…!

यूँ तो बाहों में लिए रहती हैं यादें तुम्हारी
जो रात को ख़्वाब सताते हैं तो दिल कहता है तुम आओ…!

तलाश-ए-रिज़्क़ में निकले परिंदे साँझ होने पर
पलट कर घर जब आते हैं तो दिल कहता है तुम आओ…!

वो एक प्यार से पौदा जो लगाया था हमने 'मीना'
उस पे फूल जब आते हैं तो दिल कहता है तुम आओ…!

kudh ko akele jo paate hain to dil kehta hai Tum aao
kisi mehfil mein jaate hain to dil kehta hai Tum aao...!

badi mushkil se din mein khud ko sambhaal lete hain
jab chiragon ko jalate hain to dil kehta hai Tum aao...!

yun to baahon mein liye rehti hain yaadein tumhari
jo raat ko khwab satate hain to dil kehta hai Tum aao...!

Talash-e-Rizq mein niklay parinday saanjh hone par
palat kar ghar jab aate hain to dil kehta hai Tum aao...!

wo aik pyaar se pauda jo lagaaya tha humne 'meena'
us pe phool jab aate hain to dil kehta hai Tum aao...!