कुछ दिन से मेरे दिल में नई चाह जगी है
सर रख के तेरी गोद में सो लूँ तो सुबह हो
जो बन के हवा रहती है तेरे सीने के अंदर
उस खुशबु को साँसों में समो लूँ तो सुबह हो
लफ़्ज़ों में छुपा रहता है हर दिल का आलम
यह सोच के हर लफ्ज़ को बोलूँ तो सुबह हो
दुनिया में मोहब्बत-सा 'मीना' कुछ भी नहीं है
हर दिल में इसी रंग को घोलूँ तो सुबह हो...!!!
सर रख के तेरी गोद में सो लूँ तो सुबह हो
जो बन के हवा रहती है तेरे सीने के अंदर
उस खुशबु को साँसों में समो लूँ तो सुबह हो
लफ़्ज़ों में छुपा रहता है हर दिल का आलम
यह सोच के हर लफ्ज़ को बोलूँ तो सुबह हो
दुनिया में मोहब्बत-सा 'मीना' कुछ भी नहीं है
हर दिल में इसी रंग को घोलूँ तो सुबह हो...!!!