एक आहट सी दरवाज़े पे लहराई है
एक खुशबु ने अभी ज़िस्म को सहलाया है
क्या कोई और भी है यहाँ मेरे सिवा
या फिर तुम्हारी याद दोबारा चली आई है …
एक खुशबु ने अभी ज़िस्म को सहलाया है
क्या कोई और भी है यहाँ मेरे सिवा
या फिर तुम्हारी याद दोबारा चली आई है …