Wednesday, November 19, 2014

या फिर तुम्हारी याद दोबारा चली आई है …

एक आहट सी दरवाज़े पे लहराई है
एक खुशबु ने अभी ज़िस्म को सहलाया है
क्या कोई और भी है यहाँ मेरे सिवा
या फिर तुम्हारी याद दोबारा चली आई है …

Saturday, November 15, 2014

चलो क्यों न हम दोनों ये आदत आज बदल डालें....

तुझे मेरी ज़रूरत है, मुझे तेरी ज़रूरत है
चलो क्यों न हम दोनों ये आदत आज बदल डालें
मैं तुझे लिखती ही रही, तू मुझे गुनगुनाता रहा
चलो ये धुन जिसे कहते हैं मोहब्बत आज बदल डालें

अपनी चाहतों का हिसाब किस-किस को देंगे हम
बिछड़ना ही है तो सदियों की रफ़ाक़त आज बदल डालें
चेहरे से पढ़ जो लेते हैं सब हाल-ऐ-दिल हमारा
इश्क़ के रंग में रंगी अपनी ये सूरत आज बदल डालें

अजीब होते हैं ख्वाइशों के सिलसिले भी 'मीना'
इस दिवानगी की दास्तान-ऐ-उल्फत आज बदल डालें

tujhe meri zarurat hai, mujhe teri zarurat hai
chalo kyun na hum dono ye aadat aaj badal daalein
main tujhe likhti hi rahi, tu mujhe gungunata raha
chalo ye dhun jise kehte hain mohabbat aaj badal daalein

apni chahton ka hisaab kis-kis ko denge hum
bicharna hi hai to sadiyon ki rafaqat aaj badal daalein
chehre se padh jo lete hain sab haal-e-dil hamara
ishq ke rang mein rangi apni ye surat aaj badal daalein

ajeeb hote hain khwaishon ke silsile bhi 'meena'
is deewaangi ki daastaan-e-ulfat aaj badal daalein


Tuesday, November 11, 2014

खुशबु आरज़ू की बिखरी है...

खुशबु आरज़ू की बिखरी है
रात शरमा रही है अपने से
ख्वाब इस टूटे हुए दिल को
आज फिर जोड़ने आये हैं

--मीना, नवम्बर ११, २०१४--

Wednesday, November 5, 2014

तू तो बस एहसास है अंदर कहीं उतरा हुआ...

क्या करूँ, कहाँ करूँ, कैसे करूँ तेरा बयाँ
तू तो बस एहसास है अंदर कहीं उतरा हुआ

मेरे घर में ज़िन्दगी की उम्र बस उतनी ही है
जब तलक है नाम तेरा हर तरफ बिखरा हुआ

---मीना, नवम्बर ०५, २०१४---

Tuesday, November 4, 2014

मुझे अक्सर हुआ है इक जुनूँ का एहसास

मुझे अक्सर हुआ है इक जुनूँ का एहसास 
जब जब तुझे याद किया है शाम के बाद

है यही अंजाम-ऐ-मोहब्बत शायद 'मीना' 
अब कोई नाम नहीं लब पे तेरे नाम के बाद