रूप तुम्हारा मैं बन जाऊँ तुम मेरे दर्पन बन जाओ
आज मैं ऐसे टूट के बरसूँ झूम के तुम बादल बन जाओ
मेरे नाम मोहब्बत की तुम कुछ निशानियाँ रख जाओ
मैं सजा लूँ तुम्हे माँग में तुम गजरा-काजल बन जाओ
आज मैं ऐसे टूट के बरसूँ झूम के तुम बादल बन जाओ
मेरे नाम मोहब्बत की तुम कुछ निशानियाँ रख जाओ
मैं सजा लूँ तुम्हे माँग में तुम गजरा-काजल बन जाओ
चलो इश्क़ की राहों में इन हदों से पार हो जाएँ 'मीना'
मैं भी हो जाऊँ दीवानी तुम भी पागल बन जाओ
मैं भी हो जाऊँ दीवानी तुम भी पागल बन जाओ
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