Thursday, October 30, 2014

के आज रेंगते हुए लम्हों से फिर दोस्ताना हुआ.…

उदास उदास रहना देखा इसको एक ज़माना हुआ
जब ग़मों का आइना देखा तो मुस्कुराना हुआ

के आज बीते हुए मौसमों कि याद आई 'मीना'
के आज रेंगते हुए लम्हों से फिर दोस्ताना हुआ.…

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