क्या करूँ, कहाँ करूँ, कैसे करूँ तेरा बयाँ
तू तो बस एहसास है अंदर कहीं उतरा हुआ
मेरे घर में ज़िन्दगी की उम्र बस उतनी ही है
जब तलक है नाम तेरा हर तरफ बिखरा हुआ
---मीना, नवम्बर ०५, २०१४---
तू तो बस एहसास है अंदर कहीं उतरा हुआ
मेरे घर में ज़िन्दगी की उम्र बस उतनी ही है
जब तलक है नाम तेरा हर तरफ बिखरा हुआ
---मीना, नवम्बर ०५, २०१४---
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