तमाम उम्र यादों का सिलसिला रहा फिर भी
बहुत क़रीब थे हम, फासला रहा फिर भी
एक महफ़िल में सजीं थीं महफ़िलें कई
किसी कोने में ये दिल तनहा रहा फिर भी
बहुत क़रीब थे हम, फासला रहा फिर भी
एक महफ़िल में सजीं थीं महफ़िलें कई
किसी कोने में ये दिल तनहा रहा फिर भी
Tamam umr yaadon ka silsila raha
phir bhi
Bahut qareeb the hum faasla raha
phir bhi
Ek mehfil mein saji thi mehfilein
kai
Kisi kone mein ye dil tanha raha
phir bhi
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