तुम
जो अब नहीं हो...
फिर भी
दस्तकें
दरवाज़े के उस पार की
चौंका देती हैं मुझे...
हवाएँ
यादों की
दिल झकझोर देती हैं...
ख़ुशबुएँ
तुम्हारी याद दिलाती हैं...
जो अब नहीं हो...
फिर भी
दस्तकें
दरवाज़े के उस पार की
चौंका देती हैं मुझे...
हवाएँ
यादों की
दिल झकझोर देती हैं...
ख़ुशबुएँ
तुम्हारी याद दिलाती हैं...
No comments:
Post a Comment