Sunday, May 24, 2015

इक आँसू...

क़तरा-क़तरा दिल में आँसू गिरते हैं...

इक आँसू उस शक़्स का, जो बेगाना है
इक आँसू उस नाम का, जो मैं ले न सकी
इक आँसू उस दुआ का, जो पूरी न हुई
इक आँसू उस चेहरे का जो याद रहा
इक आँसू उस झूट का जो औरों से कहा
बेशुमार आँसू मेरे दामन में खिलते हैं
क़तरा-क़तरा दिल में आँसू गिरते हैं...

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