Tuesday, May 19, 2015

ज़िंदगी की नई राहों को अयां होने दो...

चाँद तारों से कहो आँख मिचौली खेलें
ज़िंदगी की नई राहों को अयां होने दो

अपनी साँसों को कहो धीरे से बिखरें ज़रा
मेरी मासूम निगाही को जवाँ होने दो....

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