Monday, August 24, 2015

दशरथ मांझी के नाम.…

लीजिये दोस्तों हम कुछ शायरों की मिली-जुली पेशकश - दशरथ मांझी के नाम.…

जोश में दरिया भी हो तो रास्ता बन जाएगा
साथ मेरे तुम चलो तो क़ाफ़िला बन जाएगा... (Meenakshii Meena)


चीर दे पर्वत का सीना प्यार कहते हैं इसे
अगली नस्लों के लिए वो नक़्श-ए-पा बन जाएगा... (Iliyas Rahat)


गर इरादे नेक हैं तो हौसले तू कर बुलंद
क़ैद में भी रौशनी का सिलसिला बन जाएगा... (Meenakshii Meena)


हौसला है ताब है दिल में है उड़ने की लगन
कुछ दिनों में देखना वो आसमां बन जायेगा... (Meenakshii Meena)


प्यार की दिलकश निशानी का पता है अब चला
देखते ही देखते ये ताज सा बन जाएगा... (Kunwar Yusuf Balrampuri)


एक नज़र में जहनों -दिल की ले तलाशी तो कभी
हक़ परस्ती का दिलों में मामला बन जाएगा... (Anirudh Sinha)

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